31MAY 2020 का पंचांग
31 मई 2020*
⛅ *दिन - रविवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - ग्रीष्म*
⛅ *मास - ज्येष्ठ*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - नवमी शाम 05:36 तक तत्पश्चात दशमी*
⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी 01 जून रात्रि 03:01 तक तत्पश्चात हस्त*
⛅ *योग - वज्र शाम 04:31 तक तत्पश्चात सिद्धि*
⛅ *राहुकाल - शाम 05:25 से शाम 07:05 तक*
⛅ *सूर्योदय - 05:57*
⛅ *सूर्यास्त - 19:14*
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
🌷 *महेश नवमी* 🌷
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 31 मई, रविवार को है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। इस अवसर पर हम आपको शिवपुराण में लिखे कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिन्हें करने से साधक की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। ये उपाय बहुत ही आसान है।*
➡ *भगवान शिव को कच्चे चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है ।*
➡ *भगवान शिव को बेला के फूल चढ़ाने से सुंदर पत्नी मिलती है ।*
➡ *शिवलिंग का अभिषेक गाय के घी से करने से कमजोरी दूर होती है ।*
➡ *महादेव की पूजा हरसिंगार के फूलों से करें तो सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है ।*
➡ *कनेर के फूलों से भगवान शिव की पूजा करने से नए वस्त्र मिलते हैं ।*
➡ *महादेव को जूही के फूल चढ़ाने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती ।*
➡ *धतूरे के फूल से पूजा करने पर महादेव सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं ।*
➡ *भगवान शिव को गेहूँ चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है ।*
➡ *शिवजी की पूजा चमेली के फूल से करने पर वाहन सुख मिलता है ।*
➡ *शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने से जीवन में सभी सुख मिलते हैं ।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
*भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में भी गंगा का देव नदी कहा गया है यानी देवताओं की नदी। धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (गंगा दशहरा) पर गंगा धरती पर आई थी। (01 जून, सोमवार) गंगा दशहरा के मौके पर हम आपको बता रहे हैं गंगा जल के कुछ आसान उपाय।*
➡ *अगर परिवार के लोगों में नहीं बनती तो रोज सुबह पूरे घर में गंगा जल छिड़के ।इससे घर की नेगेटिविटी कम होगी और शांति का माहौल बनेगा ।*
➡ *दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर कर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें ।इससे भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी ।*
➡ *परिवार में सुख-समृद्धि चाहते हैं तो पीपल के पेड़ पर रोज गंगा जल चढ़ाएं, क्योंकि पीपल में भगवान विष्णु का वास मना गया है ।*
➡ *दुकान में किसी ने तंत्र प्रयोग किया हो तो पूरी दुकान में गंगा जल छिड़के ।इससे उस जगह की नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी और व्यवसाय चलने लगेगा ।*
🌷 *गंगा दशहरा* 🌷
🙏🏻 *दशहरा तिथि को गंगा स्नान व पूजन करने से 10 प्रकार के (3 कायिक ,4 वाचिक, 3 मानसिक) पापों नाश होता है।*
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