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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

29 MAY 2020 का पंचांग

29 मई 2020 ⛅ *दिन - शुक्रवार*  ⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल*  ⛅ *तिथि - सप्तमी रात्रि 09:55 तक तत्पश्चात अष्टमी* ⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 06:58 तक तत्पश्चात मघा* ⛅ *योग - व्याघात रात्रि 10:07 तक तत्पश्चात हर्षण* ⛅ *राहुकाल - सुबह 10:45 से दोपहर 12:24 तक*  ⛅ *सूर्योदय - 05:58* ⛅ *सूर्यास्त - 19:14*  ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -   💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*                🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैन की नींद के लिए* 🌷 ☺ *चैन की नींद न आती हो, तो सिरहाने की तरफ कर्पूर जलाकर "ॐ" का गुंजन करें l सुबह -शाम जलाने से वायु दोष दूर होगा, लक्ष्मी प्राप्ति होगी, बुरे सपने नहीं आयेंगे l* 🙏🏻 *पूज्य बापूजी - हरिद्वार, १६ मई २०११*             🌞 *~  हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *वास्त...

28 MAY 2020 का पंचांग

        28 मई 2020 ⛅ *दिन - गुरुवार*  ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल*  ⛅ *तिथि - षष्ठी रात्रि 11:27 तक तत्पश्चात सप्तमी* ⛅ *नक्षत्र - पुष्य सुबह 07:27 तक तत्पश्चात अश्लेशा* ⛅ *योग - ध्रुव रात्रि 12:25 तक तत्पश्चात व्याघात* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:04 से शाम 03:44 तक*  ⛅ *सूर्योदय - 05:58* ⛅ *सूर्यास्त - 19:13*  ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - गुरुपुष्यामृत योग  (सूर्योदय से सुबह 07:27 तक)*  💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*          🌷 *मसूढ़ों की सूझन* 🌷 😁 *जामुन के वृक्ष की छाल के काढ़े के कुल्ले करने से दाँतों के मसूढ़ों की सूझन मिटती है व हिल्ते दाँत मजबूत होते हैं।* 🙏🏻 *आरोग्यनिधि पुस्तक से*       🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷 🏡 *यदि घर में अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है तो सफेद चंदन की बनी क...

जन्म कुंडली से संतान सुख का विचार

जन्म कुंडली से संतान सुख का विचार स्त्री और पुरुष संतान प्राप्ति की कामना के लिए विवाह करते हैं | वंश परंपरा की वृद्धि के लिए एवम परमात्मा को श्रृष्टि रचना में सहयोग देने के लिए यह आवश्यक भी है | पुरुष पिता बन कर तथा स्त्री माता बन कर ही पूर्णता का अनुभव करते हैं | धर्म शास्त्र भी यही कहते हैं कि संतान हीन व्यक्ति के यज्ञ,दान ,तप व अन्य सभी पुण्यकर्म निष्फल हो जाते हैं | महाभारत के शान्ति पर्व में कहा गया है कि पुत्र ही पिता को पुत् नामक नर्क में गिरने से बचाता है | मुनिराज अगस्त्य ने संतानहीनता के कारण अपने पितरों को अधोमुख स्थिति में देखा और विवाह करने के लिए प्रवृत्त हुए |प्रश्न मार्ग के अनुसार संतान प्राप्ति कि कामना से ही विवाह किया जाता है जिस से वंश वृद्धि होती है और पितर प्रसन्न होते हैं| जन्म कुंडली से संतान सुख का विचार ज्योतिष के प्राचीन फलित ग्रंथों में संतान सुख के विषय पर बड़ी गहनता से विचार किया गया  है | भाग्य में संतान सुख है या नहीं ,पुत्र होगा या पुत्री अथवा दोनों का सुख प्राप्त होगा ,संतान कैसी निकलेगी ,संतान सुख कब मिलेगा और संतान सुख प्राप्ति में क्या बाधाएं ह...

27 MAY 2020 का पंचांग

⛅ 27 मई 2020* ⛅ *दिन - बुधवार*  ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल*  ⛅ *तिथि - पंचमी रात्रि 12:32 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 07:28 तक तत्पश्चात पुष्य* ⛅ *योग - वृद्धि 28 मई प्रातः 02:21 तक तत्पश्चात ध्रुव* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:24 से दोपहर 02:04 तक*  ⛅ *सूर्योदय - 05:58* ⛅ *सूर्यास्त - 19:13*  ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -*   💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*                 🌷 *पुष्य नक्षत्र योग* 🌷 ➡ *28 मई 2020 गुरुवार को सूर्योदय से सुबह 07:27 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।* 🙏🏻 *१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति ...

26 MAY 2020 का पंचांग

⛅ * 26 मई 2020* ⛅ *दिन - मंगलवार*  ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल*  ⛅ *तिथि - चतुर्थी 27 मई रात्रि 01:09 तक तत्पश्चात पंचमी* ⛅ *नक्षत्र - आर्द्रा सुबह 07:02 तक तत्पश्चात पुनर्वसु* ⛅ *योग - गण्ड 27 मई प्रातः 03:54 तक तत्पश्चात वृद्धि* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:43 से शाम 05:23 तक*  ⛅ *सूर्योदय - 05:58* ⛅ *सूर्यास्त - 19:13*  ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से रात्रि 01:09 तक)*  💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*               🌷 *ज्योतिष शास्त्र* 🌷 🙏🏻 *हर व्यक्ति के जीवन में कुछ न कुछ परेशानियां जरूर रहती हैं। उन परेशानियों से छुटकारा पाने के लिेए व्यक्ति हरसंभव कोशिश करता है। कई बार उसे सफलता मिलती है तो कई बार असफलता हाथ लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ आसान उपाय कर उन परेशानियों को खत्म किया जा सकता है। ये हैं कुछ आसान उपाय-*  ➡ *1...

25 MAY का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 25 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  तृतीया  25:20:01 🔅 नक्षत्र  मृगशिरा  06:10:13 🔅 करण :            तैतिल  13:14:31            गर  25:20:01 🔅 पक्ष  शुक्ल   🔅 योग :            धृति  05:54:24            शूल  पूर्ण रात्रि 🔅 वार  सोमवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:04:17   🔅 चन्द्रोदय  06:58:00   🔅 चन्द्र राशि  मिथुन   🔅 सूर्यास्त  18:43:33   🔅 चन्द्रास्त  21:12:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:39:15   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  ज्येष्ठ...

*दग्ध राशियाँ

*दग्ध राशियाँ:* 👇👇👇 ज्योतिष में दग्ध राशियों का निर्माण तिथि, वार और नक्षत्र परिचय आपका स्वागत है हमारे आधारभूत और अद्वितीय लेख में जो ज्योतिष में दग्ध राशियों के निर्माण तिथि, वार और नक्षत्र के बारे में है। ज्योतिष में दग्ध राशियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है और इस लेख में हम आपको इस प्रेरणादायक विषय के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। दग्ध राशियों का मतलब दग्ध राशियों का मतलब होता है कि जब कोई व्यक्ति अपनी जन्म तिथि के अनुसार अपनी राशि को पहचानता है, तो वह राशि द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए गुणों का प्रभाव उसके व्यक्तिगतता और जीवन पर पड़ता है। दग्ध राशियाँ अपने विशेष गुणों और व्यक्तिगतता के आधार पर व्यक्ति की पहचान को और भी मजबूती प्रदान करती हैं। दग्ध राशियों का निर्माण तिथि दग्ध राशियों का निर्माण तिथि का महत्वपूर्ण योगदान ज्योतिष में होता है। ज्योतिषशास्त्र में विशेष तिथियाँ और तारीखें बताई गई हैं जिनके अनुसार व्यक्ति की राशि तय की जाती है। यह निर्माण तिथियाँ आकाशीय ग्रहों के स्थान और चाल के आधार पर निर्धारित होती हैं और इनका व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। दग्ध ...

कुंडली का दूसरा भाव

जन्मकुंडली १२ भावों में विभाजित होती है और प्रत्येक भाव का अपना कारकत्व होता है। किसी जन्मकुंडली का विश्लेषण करने के लिए उसके प्रत्येक भाव तथा नौ ग्रहों के कारकत्वों का ज्ञान आवश्यक है। यहाँ कुंडली के प्रत्येक भाव के कारकत्व का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है। द्वितीय भाव: इसे कुटुंब, धन भाव  भी कहते हैं। यह काल पुरुष का मुख है तथा वाणी, स्वाद, दायां नेत्र, धन की बचत मरक स्थान, मुखाकृति, शासन, भाषण शकित का द्योतक है। इसका कारक बृहस्पति है तथा वाणी के लिए बुध कारक है।

24 MAY 2020 का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 24 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  द्वितीया  25:02:23 🔅 नक्षत्र  मृगशिरा  पूर्ण रात्रि 🔅 करण :            बालव  12:43:44            कौलव  25:02:23 🔅 पक्ष  शुक्ल   🔅 योग  सुकर्मा  06:24:00 🔅 वार  रविवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:04:39   🔅 चन्द्रोदय  06:10:00   🔅 चन्द्र राशि  वृषभ - 17:34:16 तक   🔅 सूर्यास्त  18:43:02   🔅 चन्द्रास्त  20:15:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:38:22   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  ज्येष्ठ   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय  ...

23 MAY 2020 का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 23 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  प्रतिपदा  24:18:43 🔅 नक्षत्र  रोहिणी  28:52:05 🔅 करण :            किन्स्तुघ्ना  11:47:28            बव  24:18:43 🔅 पक्ष  शुक्ल   🔅 योग  अतिगंड  06:34:02 🔅 वार  शनिवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:04:59   🔅 चन्द्रोदय  05:27:00   🔅 चन्द्र राशि  वृषभ   🔅 सूर्यास्त  18:42:30   🔅 चन्द्रास्त  19:18:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:37:30   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  ज्येष्ठ   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀...

22 MAY KA पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 23 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  प्रतिपदा  24:18:43 🔅 नक्षत्र  रोहिणी  28:52:05 🔅 करण :            किन्स्तुघ्ना  11:47:28            बव  24:18:43 🔅 पक्ष  शुक्ल   🔅 योग  अतिगंड  06:34:02 🔅 वार  शनिवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:04:59   🔅 चन्द्रोदय  05:27:00   🔅 चन्द्र राशि  वृषभ   🔅 सूर्यास्त  18:42:30   🔅 चन्द्रास्त  19:18:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:37:30   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  ज्येष्ठ   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀...

21 MAY 2020 का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 21 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  चतुर्दशी  21:38:10 🔅 नक्षत्र  भरणी  25:04:14 🔅 करण :            विष्टि  08:44:00            शकुन  21:38:10 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  सौभाग्य  06:00:16 🔅 वार  गुरूवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:05:46   🔅 चन्द्रोदय  28:48:00   🔅 चन्द्र राशि  मेष   🔅 सूर्यास्त  18:41:25   🔅 चन्द्रास्त  17:27:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:35:38   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀ शुभ सम...

20 MAY का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 20 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  त्रयोदशी  19:44:52 🔅 नक्षत्र  अश्विनी  22:38:00 🔅 करण :            गर  06:41:16            वणिज  19:44:52 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  आयुष्मान  05:20:09 🔅 वार  बुधवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:06:12   🔅 चन्द्रोदय  28:14:00   🔅 चन्द्र राशि  मेष   🔅 सूर्यास्त  18:40:51   🔅 चन्द्रास्त  16:34:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:34:39   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀ शुभ समय...

(धन/पैसा/रुपया) क्यों नहीं आ रहा है?

(धन/पैसा/रुपया) क्यों नहीं आ रहा है? 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ पूत सपूत तो क्यों धन संचय,  पूत कुपूत तो क्यों धन संचय?  बड़े-बुजुर्गो के मुंह से आपने भी यह कहावत कई बार सुनी होगी। यहाँ जाने अनजाने माँ सरस्वती की महत्ता को ही बताया गया है। किन्तु वर्तमान समय में स्थिति भिन्न है। पूत सुपूत है तो भी धन संचय और पूत कुपूत है। तब तो जरूर धन संचय। आज के युग में धन अर्थात लक्ष्मी जी का बड़ा बोल बाला है। पूत सुपूत निकला तो कल डॉक्टर, इंजीनियर ,वकील बनाने के लिए किसी बड़े कॉलेज में दाखिला दिलाना होगा। जरुरत धन की पड़ेगी औलाद निकम्मी निकली तो कल पता नही कितनी दफा जमानत आदि देनी पड़े उसके लिए काम धंधा जोड़ना पड़े ? जो कुपूत खुद के लिए कुछ नहीं कर सकता वो बूड़े माता-पिता के लिए तो भला क्या करेगा ? ऐसे में स्वयं को वृद्धास्था में दुसरो पर आश्रित न रहे उसके लिए भी धन ही चाहिए। जरूरत फिर से धन की ही पड़ने वाली है। अर्थात बिना लक्ष्मी जी की शरण में जाए गुजरा नही होगा।                                      ...

18 MAY 2020 आज का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 18 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  एकादशी  15:10:50 🔅 नक्षत्र  उत्तराभाद्रपद  16:58:38 🔅 करण :            बालव  15:10:50            कौलव  28:23:22 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  प्रीति  28:28:48 🔅 वार  सोमवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:07:06   🔅 चन्द्रोदय  27:11:00   🔅 चन्द्र राशि  मीन   🔅 सूर्यास्त  18:39:45   🔅 चन्द्रास्त  14:52:00   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:32:38   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀ शुभ...

सुबह इन मंत्रों को पढ़ने से मिलती है सफलता

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सुबह इन मंत्रों को पढ़ने से मिलती है मनचाही सफलता ... अगर आप चाहते हैं हर दिन आपका शुभ और सफलतादायक हो तो बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं और दिए गए 13 मंत्रों में से किसी भी 1 मंत्र को बोलें। आपका दिन उन्नतिदायक और प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। 1 . ॐ मंगलम् भगवान विष्णु: मंगलम् गरूड़ध्वज:। मंगलम् पुण्डरीकांक्ष: मंगलाय तनो हरि।। 2 . कराग्रे वसते लक्ष्मी: कर मध्ये सरस्वती। करमूले गोविन्दाय, प्रभाते कर दर्शनम्। 3 . गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरु साक्षात् परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: 4 . करारविन्देन पदारविन्दं, मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्। वटय पत्रस्य पुटेशयानं, बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि।। 5. सी‍ताराम चरण कमलेभ्योनम: राधा-कृष्ण-चरण कमलेभ्योनम:। 6 . राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमै: सहस्त्रनाम तत्तुल्यं श्री रामनाम वरानने। 7 . माता रामो मम् पिता रामचन्द्र: स्वामी रामो ममत्सखा सखा रामचन्द्र: सर्वस्व में रामचन्द्रो दयालु नान्यं जाने नैव जाने न जाने।।1।। 8. दक्षिणे लक्ष्मणो यस्त वामेच जनकात्मजा, पुरतोमारुतिर्यस्य तं वंद...

17 MAY 2020 का पंचांग

*आज का हिन्दू पंचांग*  ⛅ *दिनांक 17 मई 2020* ⛅ *दिन - रविवार*  ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - कृष्ण*  ⛅ *तिथि - दशमी दोपहर 12:42 तक तत्पश्चात एकादशी* ⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद सुबह 01:59 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद* ⛅ *योग - विष्कम्भ 18 मई रात्रि 03:33 तक तत्पश्चातम प्रीति* ⛅ *राहुकाल - शाम 05:20 से शाम 06:58 तक*  ⛅ *सूर्योदय - 06:01* ⛅ *सूर्यास्त - 19:09*  ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -*   💥 *विशेष - रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)* 💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)* 💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*     ...

सप्तम भाव और विवाह

*ज्योतिष अनुसार प्रेम संबंध एवं विवाह संबंधी विचार* : ज्योतिष हमारे जीवन के हर एक पहलू पर हमारा मार्गदर्शन करता है । यदि हम ज्योतिष को समझ कर अपने जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों में ज्योतिषी की सहायता लेकर कार्य करें तो निश्चित ही सुख की प्राप्ति होती है । और जब बात प्रेम संबंध या विवाह की हो तो हर कोई अपने लिए अच्छे प्रेमी /  जीवनसाथी की कल्पना करता है । लेकिन सभी को प्रेम की प्राप्ति , मन अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति नहीं होती , कुछ के विवाह जल्दी होते हैं, कुछ के विवाह देरी से तो कोई अविवाहित रहते हैं तो कुछ को विवाह करके भी धोखे की प्राप्ति होती है । इन सब का कारण इन फैसलों में ज्योतिष सलाह को शामिल ना करना होता है । तो इस पोस्ट में इसी से जुड़ी कुछ जानकारी पर चर्चा करते हैं : सप्तम भाव से देखें किसी का जीवनसाथी के प्रति नज़रिया : जन्म कुण्डली के सप्तम भाव में विराजमान ग्रह की प्रकृति के आधार पर यह पता लगता है कि कोई अपने जीवनसाथी या प्रेमी / प्रेमिका के प्रति क्या नज़रिया रखता है एवं वह जीवनसाथी से क्या उमीद रखता है । यहां पर भी हम ग्रहों को 3 तरह से देख सकते हैं : सप्तम_भाव में सूर्य ...

कौन से ग्रह व्यक्ति के अंदर प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा पैदा करता है

*कौन से ग्रह व्यक्ति के अंदर प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा पैदा करता है..?* ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा को मुख्य रूप से बृहस्पति और शनि ग्रह पैदा करते हैं। बृहस्पति (गुरु) विद्या, ज्ञान, नैतिकता, और प्रशासनिक कौशल के प्रतीक होते हैं, जबकि शनि कठिनाईयों का प्रतीक होते हैं और संघर्षों को पार करने में मदद करते हैं। इन ग्रहों की प्रभावशीलता से जुड़े तरीकों से व्यक्ति के मन में प्रशासनिक सेवा की ओर इच्छा पैदा हो सकती है, जैसे कि विद्या में मास्टरी प्राप्त करना, लीडरशिप कौशल विकसित करना, और सामाजिक सेवा करने की इच्छा। यहां तक कि चंद्रमा भी प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा को प्रोत्साहित कर सकता है, क्योंकि चंद्रमा व्यक्ति की भावनाओं और उनके अंतरात्मा के साथ गहरा संबंध बनाता है, जिससे समाजसेवा के प्रति समर्पण और उदारता की भावना बढ़ सकती है। यह सब केवल ज्योतिष के एक दृष्टिकोण है और व्यक्ति के आदर्श और प्रेरणा के स्रोत के रूप में काम कर सकते हैं। व्यक्ति के इरादे, कौशल, और मेहनत का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है जो उसे प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्त...

ओम नमः शिवाय

ॐ  नमः शिवाय इस मंत्र के सवा लाख जप करने से  शनि,राहु,केतु,मून,सूर्य इन पांचों ग्रहों में काफी आराम आता है तथा जिंदगी में से तनाव कष्ट दुख में कमी आती है मानसिक शांति मिलती है मानसिक शांति मिलती है दिमाग में शांति मिलती है घर में कलेश कम होता है डिप्रेशन कम होता है इंद्री और जागृत होती है मानसिक तनाव में कमी आती है राहु केतु के दोष में कमी आती है shani के दोष में भी कमी आती है बीमारियां कम होती है खर्चे कम होते हैं कालसर्प दोष कुछ शांत होता है पितृदोष भी कुछ शांत होता है मानसिक शांति मिलेगी कर्जे में कमी आएगी शत्रुओं में कमी हो सकती है साउथवेस्ट के दोष में कमी हो सकती है साउथ ईस्ट के दोष में कमी हो सकती है नॉर्थवेस्ट के दोष में कमी हो सकती है पश्चिम दिशा के दोष में कमी हो सकती है इस मंत्र को हाथ में चावल पानी लेकर के  संकल्प करके के तांबे का लोटा रखकर  दीपक जलाकर के  पीतल के दिए में जलाएं घी का दीपक जलाएं भगवान शिव की प्रतिमा आगे रखें और रुद्राक्ष की माला पर यह जब करें दुरूद रुद्राक्ष की छोटी माला हो गोमुखी के अंदर रखे जब करें इंडेक्स फिंगर बाहर निकालें इस मंत्र...

16 MAY 2020 का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 16 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  नवमी  10:24:43 🔅 नक्षत्र  शतभिषा  11:05:35 🔅 करण :            गर  10:24:43            वणिज  23:32:53 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  वैधृति  26:34:41 🔅 वार  शनिवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:08:06   🔅 चन्द्रोदय  26:10:00   🔅 चन्द्र राशि  कुम्भ   🔅 सूर्यास्त  18:38:37   🔅 चन्द्रास्त  13:09:00   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:30:31   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀ शुभ समय...

15 MAY 2020 का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 15 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  अष्टमी  08:23:53 🔅 नक्षत्र  धनिष्ठा  08:29:55 🔅 करण :            कौलव  08:23:53            तैतिल  21:21:14 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  एन्द्र  25:46:48 🔅 वार  शुक्रवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:08:39   🔅 चन्द्रोदय  25:37:59   🔅 चन्द्र राशि  कुम्भ   🔅 सूर्यास्त  18:38:03   🔅 चन्द्रास्त  12:16:00   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:29:24   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ☀ शुभ ...

कुंडली का प्रथम भाव

प्रथम भाव से साधारण तौर पर स्वास्थ्य सर मस्तिष्क स्वभाव आयु आज के बारे में जानकारी मिलती है परंपरागत प्रणाली में लग्नेश लग्न में स्थित ग्रह तथा उनके साथ अन्य ग्रहों के शुभ-अशुभ योग का विचार उपयुक्त फल बताते हुए किया जाता है

ज्योतिष में करण

                            करण तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं अर्थात् एक तिथि में दो करण होते हैं। करणों के नाम—१. बव २.बालव ३.कौलव ४.तैतिल ५.गर ६.वणिज्य ७.विष्टी (भद्रा) ८.शकुनि ९.चतुष्पाद १०.नाग ११.किंस्तुघन चरसंज्ञककरण—बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज्य, विष्टी। स्थिरसंज्ञक करण—शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघन । करणों के स्वामी—बव का इन्द्र, बालव का ब्रह्मा, कौलव का मित्र, तैतिल का सूर्य, गर का पृथ्वी, वणिज्य का लक्ष्मी, विष्टी का यम, शकुनि का कलि, चतुष्पाद का रुद्र, नाग का सर्प, किंस्तुघन का वायु स्वामी होते हैं।

14 MAY का पंचांग

🚩श्री गणेशाय नम:🚩  📜 दैनिक पंचांग 📜 ☀ 14 - May - 2020 ☀ पंचांग     🔅 तिथि  सप्तमी  06:52:59 🔅 नक्षत्र  श्रवण  06:23:07 🔅 करण :            बव  06:52:59            बालव  19:34:02 🔅 पक्ष  कृष्ण   🔅 योग  ब्रह्म  25:16:12 🔅 वार  गुरूवार   ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ     🔅 सूर्योदय  05:09:11   🔅 चन्द्रोदय  25:03:00   🔅 चन्द्र राशि  मकर - 19:22:16 तक   🔅 सूर्यास्त  18:37:30   🔅 चन्द्रास्त  11:20:59   🔅 ऋतु  ग्रीष्म   ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष     🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी 🔅 कलि सम्वत  5122   🔅 दिन काल  13:28:19   🔅 विक्रम सम्वत  2077   🔅 मास अमांत  वैशाख   🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ   ☀ शुभ और अशुभ समय     ...

पाप से पुण्य का अंत

🙏💐 * पाप से पुन्य का अंत *💐🙏 पाप से पुन्य का अंत: एक आत्मा की मुक्ति की ओर परिचय: 1-पाप से पुन्य 2-आत्मा की मुक्ति 3-पापमुक्ति के उपाय 4-धार्मिक तत्व 5-पाप से पुन्य का मार्ग 6-अध्यात्मिक सुधार 7-धार्मिकता का महत्व 8-आत्मा क्लेश की निवृत्ति परिचय: पाप से पुन्य की महत्वपूर्णता पाप से पुन्य का अर्थ: धार्मिक दृष्टिकोण से पापमुक्ति के उपाय: आत्मा की मुक्ति के लिए क्रियाएँ धार्मिकता का आदर्श: अध्यात्मिक जीवन जीने का तरीका "पाप से पुन्य का अंत: आत्मा की मुक्ति के उपाय" मेटा विवरण: "जानिए कैसे पाप से पुन्य करके आत्मा की मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। धार्मिकता और आत्मा क्लेश की निवृत्ति के उपायों के बारे में पढ़ें।" पारा 1: परिचय पाप से पुन्य का अंत के बारे में यह ब्लॉग पोस्ट धार्मिकता और आत्मिक शुद्धि की दिशा में मार्गदर्शन करेगा। पारा 2: पाप से पुन्य का अर्थ पाप से पुन्य का अर्थ है कि जीवन में भलाई के काम करके आत्मा को मुक्ति प्राप्त करना। यह धार्मिक दृष्टिकोण से भी मानवता के उत्कृष्टतम आदर्शों में से एक है। पारा 3: पापमुक्ति के उपाय आत्म-निग्रह: अपने मन को नियंत्रित...