29 MAY 2020 का पंचांग

29 मई 2020
⛅ *दिन - शुक्रवार* 
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - ग्रीष्म*
⛅ *मास - ज्येष्ठ*
⛅ *पक्ष - शुक्ल* 
⛅ *तिथि - सप्तमी रात्रि 09:55 तक तत्पश्चात अष्टमी*
⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 06:58 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग - व्याघात रात्रि 10:07 तक तत्पश्चात हर्षण*
⛅ *राहुकाल - सुबह 10:45 से दोपहर 12:24 तक* 
⛅ *सूर्योदय - 05:58*
⛅ *सूर्यास्त - 19:14* 
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - 
 💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चैन की नींद के लिए* 🌷
☺ *चैन की नींद न आती हो, तो सिरहाने की तरफ कर्पूर जलाकर "ॐ" का गुंजन करें l सुबह -शाम जलाने से वायु दोष दूर होगा, लक्ष्मी प्राप्ति होगी, बुरे सपने नहीं आयेंगे l*
🙏🏻 *पूज्य बापूजी - हरिद्वार, १६ मई २०११*
            🌞 *~  हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *घर के मेन गेट के  ठीक सामने किचन नहीं बनाना चाहिए। मेन गेट के एकदम सामने का किचन घर के सदस्यों के लिए अशुभ  रहता है।*
💥 *उपाय ~ मेन गेट और किचन के बीच पर्दा लगा दें।*
             🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार माता पार्वती शिवजी को पति के रूप में पाना चाहती थीं, इसके लिए उन्होंने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया था। शिवजी तप से प्रसन्न हुए और उन्होंने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया। आज भी यदि कोई लड़की सच्चे मन से शिवजी और माता पार्वती की पूजा करती है तो उसे भगवान की कृपा से मनचाहा वर मिल सकता है। साथ ही, इनकी कृपा से वैवाहिक जीवन की परेशानियां भी दूर हो सकती हैं।  शिवजी की कृपा पाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...*
1⃣ *अगर किसी लड़की के विवाह में अकारण ही देरी हो रही है या सुयोग्य वर नहीं मिल रहा है तो उसे शिवजी और माता पार्वती की नियमित रुप से पूजा करनी चाहिए ।*
2⃣ *शिवलिंग पर जल चढ़ाने और माता पार्वती की पूजा करने से पति से प्रेम  प्राप्त होता है ।*
3⃣ *अगर कुंडली में विवाह से संबंधित दोष है तो हर गुरुवार का व्रत करना चाहिए । शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं ।*
4⃣ *वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहे, इसके लिए महिला को दो मुखी या गौरीशंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए ।

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