26 MAY 2020 का पंचांग
⛅ * 26 मई 2020*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - ग्रीष्म*
⛅ *मास - ज्येष्ठ*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - चतुर्थी 27 मई रात्रि 01:09 तक तत्पश्चात पंचमी*
⛅ *नक्षत्र - आर्द्रा सुबह 07:02 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
⛅ *योग - गण्ड 27 मई प्रातः 03:54 तक तत्पश्चात वृद्धि*
⛅ *राहुकाल - शाम 03:43 से शाम 05:23 तक*
⛅ *सूर्योदय - 05:58*
⛅ *सूर्यास्त - 19:13*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से रात्रि 01:09 तक)*
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *ज्योतिष शास्त्र* 🌷
🙏🏻 *हर व्यक्ति के जीवन में कुछ न कुछ परेशानियां जरूर रहती हैं। उन परेशानियों से छुटकारा पाने के लिेए व्यक्ति हरसंभव कोशिश करता है। कई बार उसे सफलता मिलती है तो कई बार असफलता हाथ लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ आसान उपाय कर उन परेशानियों को खत्म किया जा सकता है। ये हैं कुछ आसान उपाय-*
➡ *1. रुका हुआ पैसा पाने के लिए करें ये उपाय*
*शुक्ल पक्ष के किसी सोमवार से यह उपाय शुरू कर लगातार 21 दिनों तक करें। सुबह जल्दी उठें। स्नान आदि कामों से निपटकर एक लोटे में साफ पानी लेकर उसमें 5 गुलाब के फूल डालकर सूर्य को अर्ध्य दें और भगवान सूर्य से समस्या निराकरण के लिए प्रार्थना करें। शीघ्र ही आपका अटका हुआ पैसा आपको मिल सकता है।*
➡ *2. सफलता पाने के लिए*
*किसी भी बुधवार को सूर्य की ओर मुख करके नमस्कार करें। इसके बाद कच्चा सूत लेकर उस पर नीचे लिखा मंत्र पढ़ते हुए सात गठान लगाएं। अब उस सूत को ताबीज में भरकर पहन लें। अब प्रति बुधवार को यह तावीज निकालकर धूप-दीप दिखाकर पुन: धारण कर लिया करें। इस ताबीज को पहनकर आप जिस किसी भी काम को करने जाएंगे उसमें सफलता अवश्य मिलेगी।*
🌷 *मंत्र- ऊं गं गणपतये नम:*
➡ *3. सुख-समृद्धि के लिए*
*रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तुलसी को जल चढ़ाएं और गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार में शांति बनी रहती है।*
🌷 *शरीर में ठंडी या गर्मी हो तो* 🌷
🔥 *जिसके शरीर में बहुत गर्मी हो ...आँखे जलती हों उसको रात को सोते वक्त दायीं करवट लेकर थोड़ा सोना चाहिए तो शरीर की गर्मी कम हो जाएगी और जिनका शरीर ठंडा पड़ जाता हो और ढीला हो उसको बायीं करवट सोना चाहिए ।*
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